संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एफ16 जेट विमानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया जब वह 15 से 20 मई तक अपनी पांच देशों की यात्रा के हिस्से के रूप में यूएई के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आपके स्वागत के लिए मैं आपका तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। जैसा कि आपने कहा - मैं अपने दूसरे घर में आया हूं। यह भावना मेरे जीवन में बहुत महत्व रखती है। आज आपके वायुसेना के जेट विमानों ने मुझे सुरक्षा प्रदान की। यह भारत की जनता के लिए सम्मान की बात है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की उपस्थिति में भारत और यूएई ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं आपसे फोन पर बात करता रहता था, लेकिन मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए बहुत उत्सुक था'।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, गैस सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से जुड़े कई अहम समझौते हुए। यूएई ने भारत में पांच अरब डॉलर के निवेश का भी एलान किया है।
क्या-क्या बड़े समझौते हुए?
भारत और यूएई के बीच स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप पर समझौता हुआ। इससे रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग और मजबूत होगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर भी एमओयू साइन किया गया। दोनों देशों के बीच एलपीजी यानी रसोई गैस सप्लाई को लेकर भी समझौता हुआ है, जिससे भारत को ऊर्जा सुरक्षा में फायदा मिलेगा। सबसे बड़ा एलान निवेश को लेकर हुआ। यूएई ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में कुल पांच अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है।
पश्चिम एशिया में मौजूदा हालातों पर पीएम मोदी ने कहा कि यूएई पर हुए हमलों की हम घोर निंदा करते हैं। यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। इन कठिन परिस्थितियों में आपने जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, ये बहुत ही सराहनीय है। राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने में आपके नेतृत्व में उठाए गए कदमों का हम अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध की परिस्थिति का प्रभाव आज पूरे विश्व पर दिखाई दे रहा है। भारत ने मुद्दों को सुलझाने के लिए हमेशा बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता दी है। होर्मुज स्ट्रेट को मुक्त, खुला और सुरक्षित रखना हमारी बड़ी प्राथमिकता है। इस मामले में, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। भारत हर स्थिति में यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और भविष्य में भी खड़ा रहेगा। भारत जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की बहाली के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने को तैयार है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं अपने भाई, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का अबू धाबी हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के उनके विशेष भाव के लिए धन्यवाद करता हूं। मैं ऊर्जा, निवेश, आपूर्ति शृंखला और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भारत-यूएई संबंधों को और आगे बढ़ाने की दिशा में हमारी बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।'