नाटो ने रूस को चेतावनी दी है कि एयरस्पेस उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। पोलैंड में रूसी ड्रोन गिराए जाने और एस्टोनिया में रूसी विमानों की घुसपैठ के बाद यह बयान आया। नाटो ने अनुच्छेद 5 की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसी भी हमले को पूरे गठबंधन पर हमला माना जाएगा। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने भी रूस को चेताया कि उसकी आक्रामक कार्रवाइयां सीधे टकराव को जन्म दे सकती हैं।
नाटो ने रूस को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वह अपने एयरस्पेस में किसी भी तरह की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेगा और सभी आवश्यक सैन्य व गैर-सैन्य साधनों का इस्तेमाल करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पोलैंड के ऊपर रूसी ड्रोन गिराए गए और एस्टोनिया ने पिछले हफ्ते तीन रूसी लड़ाकू विमानों द्वारा एयरस्पेस उल्लंघन का दावा किया।
विज्ञापन
10 सितंबर को पोलैंड में हुए ड्रोन हमले को यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद नाटो और रूस के बीच पहली सीधी भिड़ंत माना गया। वहीं, एस्टोनिया ने कहा कि रूसी विमानों ने 12 मिनट तक उसके एयरस्पेस का उल्लंघन किया। रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
नाटो का कड़ा रुख
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि संदिग्ध विमानों पर कार्रवाई उनकी मंशा, हथियारों और संभावित खतरे को देखकर तय की जाएगी। नाटो ने अनुच्छेद पांच की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसके तहत किसी एक सदस्य पर हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाता है। हालांकि, ऐसी चेतावनी कई बार पुतन को मिल चुकी हैं। इसके बावजूद युक्रेन पर उनका हमला जारी है।
यूरोप की सुरक्षा पर चिंता
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने चेतावनी दी कि रूस के लापरवाह कदम सीधे सैन्य टकराव का कारण बन सकते हैं। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि रूस यूरोपीय सीमाओं की परीक्षा ले रहा है और जब तक उसे रोका नहीं जाएगा, वह उकसावे जारी रखेगा।
ट्रंप प्रशासन की चेतावनी की याद
ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोप को अपनी और यूक्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाने की चेतावनी दी थी। अमेरिका की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल हाल ही में रूस के राष्ट्रपति और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मुलाकात की थी। हालांकि इसके बाद भी पुतिन ने युद्ध में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती। उनकी सेना लगातार यूक्रेन पर हमला कर रही है।