भारत और इटली ने साल 2029 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचाने का बड़ा संकल्प लिया है, जिसे हाल ही में हुए भारत-EU एफटीए से जबरदस्त रफ्तार मिली है। इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता हुआ है और भारत में एक आधुनिक 'इनोवेशन सेंटर' खुलेगा। साथ ही, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।
भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों को एक नया और बेहद मजबूत आयाम मिला है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के सचिव सीबी जॉर्ज ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत-यूरोपीय संघ के बीच संपन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं ने दोनों देशों के व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों को एक नई ऊर्जा दी है। इस ऐतिहासिक बैठक के बाद, दोनों देशों ने साल 2029 तक आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो यानी करीब 2,241.85 अरब रुपये तक पहुंचाने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही, दोनों देशों ने निजी क्षेत्रों को एक साथ आने, मजबूत साझेदारी बनाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने के लिए निवेश करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।
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आतंकवाद पर कड़ा प्रहार और रक्षा सहयोग
सीबी जॉर्ज ने बताया कि रोम में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर खुलकर बात की। दोनों नेताओं ने मिलकर आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों की कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया गया। रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों देशों ने एक सुर में आतंकवाद को उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया है।
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क्रिटिकल मिनरल्स समझौता और 'आईएमईसी' कॉरिडोर पर सहमति
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाया गया। बैठक के दो सबसे महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए।
महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन: दोनों देशों ने इस पर हस्ताक्षर कर भविष्य की तकनीक को सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
नवाचार केंद्र की स्थापना: भारत में एक आधुनिक इनोवेशन सेंटर स्थापित करने का एक बड़ा निर्णय लिया गया।
इसके अलावा, दोनों प्रधानमंत्रियों ने 'इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' परियोजना के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। उन्होंने इसे वैश्विक व्यापार और कनेक्टिविटी को बदलने वाला एक क्रांतिकारी कदम माना। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि साल 2026 में होने वाली पहली आईएमईसी मंत्रिस्तरीय बैठक में इस दिशा में ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं। इस कॉरिडोर पर लगातार काम जारी है।
शिक्षा और सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की यह पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा है, जबकि कुल मिलाकर यह उनका तीसरा इटली दौरा है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने भारतीय पीएम के सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज की मेजबानी की, जहां दोनों के बीच कई क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर आमने-सामने बातचीत हुई। इस पूरी यात्रा के दौरान संस्कृति, शिक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को और गहरा करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।