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US: 'भारत रणनीतिक साझेदार, हम पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करते हैं', टैरिफ की धमकियों के बीच बदले अमेरिका के सुर

Fri, 08 Aug 2025 08:29 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन

सार

एक अन्य प्रश्न कि क्या भारत के साथ अमेरिका के संबंधों में गिरावट और दिल्ली के चीन की ओर अधिक झुकाव की संभावना को लेकर कोई चिंता है? पिगॉट ने कहा कि यह इस प्रशासन की वास्तविक चिंताओं के बारे में एक ईमानदार, पूर्ण और स्पष्ट बातचीत है, जिसे राष्ट्रपति ने बहुत साफ तौर पर उजागर किया है और अपने कार्यों के माध्यम से संबोधित कर रहे हैं।
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पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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टैरिफ की धमकियों को लेकर भारत के सख्त और स्पष्ट रुख को देखते हुए अमेरिका के रुख बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। इसी बदलते सुर के मद्देनजर अमेरिका ने भारत को अपना रणनीतिक साझेदार बताया है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि भारत एक रणनीतिक साझेदार है, जिसके साथ अमेरिका पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल की खरीद और वॉशिंगटन के साथ व्यापार असंतुलन को लेकर अपनी चिंताओं को लेकर नई दिल्ली के साथ बहुत स्पष्ट रहे हैं।

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विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, 'भारत के संदर्भ में मैं यही कह सकता हूं कि राष्ट्रपति व्यापार असंतुलन और रूसी तेल की खरीद को लेकर अपनी चिंताओं को लेकर बहुत स्पष्ट रहे हैं। आपने उन्हें इस पर सीधे तौर पर कार्रवाई करते देखा है।' पिगॉट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के बारे में एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। यह सात वर्षों में पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा है। 

'हर चीज पर हर समय 100 प्रतिशत एकमत नहीं हो सकते'
पिगॉट ने कहा, 'भारत एक रणनीतिक साझेदार है, जिसके साथ हम पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करते हैं। यह जारी रहेगी।' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस बारे में बात की है। विदेश नीति में किसी भी चीज की तरह, आप हर चीज पर हर समय 100 प्रतिशत एकमत नहीं हो सकते, लेकिन यह बहुत स्पष्ट है। राष्ट्रपति व्यापार असंतुलन और भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में स्पष्ट रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई की है।
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चीन की ओर अधिक झुकाव की संभावना को लेकर कोई चिंता?
एक अन्य प्रश्न कि क्या भारत के साथ अमेरिका के संबंधों में गिरावट और दिल्ली के चीन की ओर अधिक झुकाव की संभावना को लेकर कोई चिंता है? पिगॉट ने कहा कि यह इस प्रशासन की वास्तविक चिंताओं के बारे में एक ईमानदार, पूर्ण और स्पष्ट बातचीत है, जिसे राष्ट्रपति ने बहुत साफ तौर पर उजागर किया है और अपने कार्यों के माध्यम से संबोधित कर रहे हैं।

'चिंताओं का समाधान करना महत्वपूर्ण'
उन्होंने कहा, 'इन चिंताओं का समाधान करना महत्वपूर्ण है। यही एक स्पष्ट बातचीत का अर्थ है। आखिरकार यह एक स्पष्ट और पूर्ण संवाद है। अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाने का यही अर्थ है। साझेदारों के साथ पूर्ण कूटनीतिक संवाद का यही अर्थ है, ताकि उन चिंताओं को हल किया जा सके, जिनका समाधान हमें देखना है।'

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