पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। वहीं खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। लगातार बढ़ते इस तनाव ने क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। इस्राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने मंगलवार को ईरान के दो शीर्ष अधिकारियों अली लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराने का दावा किया। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे ईरान की ताकत के लिए बड़ा झटका बताते हुए कहा कि अभी और भी बहुत कुछ बाकी है।
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बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आज सुबह हमने अली लारिजानी और गुलामरेजा सुलेमानी को खत्म कर दिया। उन्होंने लारीजानी को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का बॉस बताया। उन्होंने बासिज कमांडर सुलेमानी को गुंडों का सहायक बताया, जो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनकारी अभियानों के लिए जिम्मेदार थे।
हमलों का मकसद ईरानी सत्ता को कमजोर करना : नेतन्याहू
इस्राइली पीएम ने यह भी कहा कि इस्राइल ईरान के अंदर गहराई तक हवाई हमले कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य वहां की सत्ता को कमजोर करना और आंतरिक बदलाव के हालात बनाना है। उन्होंने कहा कि लारिजानी और बासिज कमांडर दोनों ही ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दबाने में शामिल रहे हैं।
मुफ्त में कर दिया लारीजानी को मारने का काम : इस्राइली विदेश मंत्री
नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग जारी है। इस्राइली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इससे ईरानी नागरिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। उन्होंने लारिजानी के संदर्भ में कहा कि उन पर अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर का इनाम था, लेकिन हमने यह काम मुफ्त में कर दिया।
पश्चिम एशिया में गहराया संकट
वहीं, इस्राइल ने चेतावनी दी है कि हिजबुल्ला की ओर से बड़े पैमाने पर रॉकेट हमले की तैयारी के संकेत मिले हैं, जिसके चलते उसकी वायु रक्षा प्रणाली हाई अलर्ट पर है। यह घटनाक्रम उस संघर्ष के बीच हुआ है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हमले में मौत के बाद हुई थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइल के साथ कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।