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माफिया पर भारी पड़ा प्यार: प्रेमिका को निशाना बनाकर ढहाया एल मेन्चो का साम्राज्य, ऐसे ढेर हुआ कार्टेल का सरगना

Tue, 24 Feb 2026 09:02 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी

सार

मेक्सिको के कुख्यात ड्रग सरगना एल मेन्चो की सेना के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। खुफिया एजेंसियों ने उसकी करीबी महिला साथी के जरिए माफिया के ठिकाने का पता लगा लिया। ऐसे में कई सवाल उठते हैं, क्या महिला साथी सुरक्षाबलों के साथ मिली थी या फिर एजेंसियों ने महिला साथी का पीछा कर ड्रग डॉन के ठिकाने का पता लगा लिया? आइए जानते हैं कैसे इस कार्टेल सरगना का अंत हुआ।
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एल मेन्चो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मेक्सिको के खतरनाक ड्रग साम्राज्य की नींव आखिरकार वहां से हिली, जहां शायद ही किसी ने उम्मीद की थी। वर्षों तक सेना और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने वाला कुख्यात कार्टेल सरगना नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांतेस उर्फ एल मेन्चो आखिरकार एक ऐसी कड़ी के जरिए पकड़ा गया, जो उसके बेहद करीब थी।
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उसकी प्रेमिका की गतिविधियों पर रखी गई निगरानी ने उस गुप्त ठिकाने का रास्ता खोल दिया, जहां वह भारी सुरक्षा के बीच छिपा बैठा था। इसी सुराग के आधार पर सेना ने ऑपरेशन चलाया और उसका अंत कर दिया। आइए, अब विस्तार से जानते हैं कि कैसे माफिया पर उसका प्यार भारी पड़ गया।

अधिकारियों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने एल मेन्चो की करीबी महिला साथी से जुड़े एक विश्वसनीय सहयोगी की पहचान की। उसकी आवाजाही को ट्रैक किया गया। वहां से एजेंसियों ने उसकी महिला साथी को ट्रैक किया। वह जालिस्को के पहाड़ी कस्बे तपल्पा के पास एक सुनसान ग्रामीण परिसर में आती-जाती थी। उस दिन रात बिताने के बाद जैसे ही वह महिला साथी वहां से निकली, सुरक्षाबलों ने आकलन किया कि कार्टेल सरगना अभी भी अंदर मौजूद ही है। इसके बाद बिना समय गंवाए सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया।
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घेराबंदी और जंगल में मुठभेड़
रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला ने बताया कि सुरक्षाबलों ने अगले दिन पूरे परिसर को चारों ओर से घेर लिया। एल मेन्चो के हथियारबंद लोगों ने जवाबी फायरिंग की और उसे लेकर पास के जंगल की ओर भागे। मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दो अंगरक्षक भी जख्मी हुए। तीनों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।



ऑपरेशन के बाद भड़की हिंसा
कार्टेल सरगना के मारे जाने की खबर फैलते ही जालिस्को समेत कई राज्यों में हिंसा भड़क उठी। कार्टेल समर्थकों ने सड़कों पर आगजनी की, वाहनों को जलाया और सुरक्षा बलों पर हमले किए। सुरक्षा मंत्री ओमर गार्सिया हारफुच ने बताया कि जालिस्को में नेशनल गार्ड के 25 जवान मारे गए। करीब 30 संदिग्ध कार्टेल सदस्य भी मारे गए। कई जगहों पर बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं।

अमेरिका की भूमिका पर सरकार की सफाई
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह मेक्सिको की सेना ने अंजाम दी। अमेरिका ने केवल खुफिया जानकारी साझा की थी, जिससे ठिकाने की पुष्टि हुई। राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने कहा कि किसी भी अमेरिकी सैनिक ने अभियान में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हालात पर नियंत्रण पाया जा रहा है और शांति बहाली प्राथमिकता है।
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फेंटेनाइल तस्करी का बड़ा चेहरा
एल मेन्चो ने जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल को देश के सबसे शक्तिशाली आपराधिक संगठनों में बदल दिया था। उस पर अमेरिका में फेंटेनाइल और अन्य मादक पदार्थों की बड़े पैमाने पर तस्करी का आरोप था। ट्रंप, जो मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, पहले ही कार्टेल के खिलाफ सख्त अभियान चला चुके हैं। इस ऑपरेशन को उसी व्यापक कार्रवाई की कड़ी माना जा रहा है।

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