यमन के लाल सागर स्थित बंदरगाह शहर मोखा पर हूती समूह ने बुधवार को फिर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। सरकार समर्थक मीडिया के मुताबिक, दो मिसाइलें समुद्री घाट से टकराईं, जिससे बंदरगाह की सुविधाओं को और नुकसान पहुंचा। हमले में तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मोखा में रविवार से अब तक हूतियों के दो मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं। इन हमलों में चार सरकारी सैनिकों समेत आठ लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
क्या मोखा और मारिब में हूतियों ने सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना?
हूतियों का कहना है कि मोखा में किए गए हालिया हमलों का निशाना सऊदी समर्थित बलों के जमावड़े और उनके ठिकाने थे। संगठन ने आरोप लगाया है कि ये बल हूती नियंत्रण वाले इलाकों में सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया के मुताबिक, मोखा और मारिब में सैनिकों के जमावड़े, हथियारों के भंडार और कमांड सेंटरों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। उन्होंने हमलों को सटीक बताते हुए कई लोगों के हताहत होने का दावा किया, हालांकि सऊदी अरब या यमनी सरकार की ओर से इन दावों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई।
क्या बाब अल-मंदब में वाणिज्यिक जहाज भी हमले की चपेट में आया?
सरकार समर्थित तटरक्षक बल के अनुसार, मंगलवार को बाब अल-मंदब से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाज 'तिहामा' पर भी लगातार मिसाइल हमले हुए। इस घटना में छह लोगों की मौत और 10 अन्य के घायल होने की जानकारी दी गई। मृतकों में जहाज के चार चालक दल के सदस्य शामिल थे, जिनमें तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक था। इसके अलावा सरकार समर्थित दूसरी नौसैनिक ब्रिगेड के दो सदस्यों की भी मौत हुई। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और उसे काफी नुकसान पहुंचा। सरकारी बलों और बचाव दलों ने घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा।
क्या यमन में फिर बिगड़ सकता है लंबे समय से बना सापेक्षिक सुकून?
हूतियों ने हाल के हफ्तों में यमन के सरकार नियंत्रित इलाकों और सऊदी से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज किए हैं। इससे 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में लागू हुई युद्धविराम व्यवस्था के बाद बने सापेक्षिक सुकून पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम समुद्री मार्ग है। ऐसे में इस क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों से तनाव बढ़ने का सिलसिला जारी है।