रूहानी ने टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में कहा, ‘ईरान जैसे सम्माननीय देश के खिलाफ अमेरिका के अन्यायपूर्ण और गैर-कानूनी प्रतिबंध स्पष्ट रूप से आतंकवाद का उदाहरण है।’ ईरान में आयोजित आतंकवाद और क्षेत्रीय सहयोग के सम्मेलन में अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान, रूस और तुर्की के संसद अध्यक्षों ने भी भाग लिया। इस दौरान हसन रूहानी ने कहा, हम हमले का सामना कर रहे हैं जो कि न सिर्फ हमारी आजादी और पहचान के लिए खतरा है बल्कि हमारे लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को नुकसान पहुंचा रहा है।
रूहानी ने कहा, जब वे (अमेरिका) चीन के व्यापार पर दबाव डालते हैं, हम सभी को इससे नुकसान होता है, जब तुर्की को सजा देते हैं तो हम सबको सजा मिल रही है। किसी भी समय जब वे रूस को धमकी देते हैं हम सबको अपनी सुरक्षा खतरे में लगती है। रूहानी ने कहा, जब वे ईरान पर प्रतिबंध लगाते हैं तो वे हम सभी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास से वंचित करते हैं। वास्तव में वह हम सब पर प्रतिबंध लगाते हैं। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा, हम यहां यह कहने के लिए हैं कि हम इस तरह की गुस्ताखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति ने अंदेशा जताया कि यदि अमेरिकी प्रतिबंध से ईरान की क्षमता कमजोर होती है तो इससे ड्रग्स की बाढ़, शरणार्थी और पश्चिमी देशों पर हमले बढ़ जाएंगे। रूहानी ने देश के टेलीविजन पर लाइव बोलते हुए कहा- मैं उन लोगों को चेतावनी देता हूं जो प्रतिबंध लगा रहे हैं। अगर इससे ड्रग्स और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ईरान कमजोर होता है तो आप भी ड्रग्स की बाढ़, शरणार्थी, बम और आतंकवाद से सुरक्षित नहीं रह पाएंगे।
हसन रूहानी ने अफगानिस्तान, चीन, रूस और तुर्की के नेताओं को संबोधन करने के दौरान यूरोप से भी कहा कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों को नजरंदाज करते हुए ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते बनाए रखें। अमेरिका के ईरान के साथ परमाणु समझौते से हटते समय यूरोपीय देशों ने उसका कड़ा विरोध किया था।