गाजा में इस मासूम पर दागी गई 350 से अधिक गोलियां
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इस्राइली सेना ने 934 दिन बाद पहली बार स्वीकारा है कि जनवरी 2024 में गाजा में पांच साल की फलस्तीनी बच्ची हिंद रजब और उसके परिवार को ले जा रही कार पर उसके सैनिकों ने ही गोलियां चलाई थीं। सैनिकों ने हिंद और उसके परिवार की कार पर 355 गोलियां चलाईं थीं। यह घटना दुनियाभर में गहरा आक्रोश पैदा कर चुकी है और अब सेना ने इस मामले में आपराधिक जांच के आदेश दे दिए हैं।
29 जनवरी 2024 को गाजा शहर के तेल अल-हावा इलाके में हिंद रजब अपने छह परिजनों के साथ एक कार में यात्रा कर रही थी, तभी इस्राइली सेना ने कार पर गोलीबारी कर दी। हिंद और उसकी चचेरी बहन लायन को छोड़कर बाकी सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
लायन ने फलस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी की आपात सेवा को फोन किया और गोलियों व चीख-पुकार के बीच हालात बताती रही, तभी कॉल कट गई। इसके बाद हिंद ने खुद एक कॉल का जवाब दिया और अरबी भाषा में ऑपरेटर से कहा, टैंक मेरे बगल में है...डर लग रहा है, प्लीज आ जाओ। फिर गोलियों की आवाज गूंजी और कॉल अचानक कट गई। एजेंसी
बचाने पहुंची एंबुलेंस पर भी हुआ था हमला
फलस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बच्चों को बचाने के लिए एक एंबुलेंस भी भेजी। इसकी जानकारी पहले ही इस्राइली सेना को दे दी गई। इसके बावजूद, इस्राइली सेना ने एंबुलेंस पहुंचने के बाद उस पर भी एक गोला दागा, जिसमें दो पैरामेडिक्स की मौके पर ही मौत हो गई। हिंद का शव तब मिला जब इस्राइली सैनिक इलाके से पीछे हटे। गोलियों से छलनी कार में हिंद, उसकी बुआ, चाचा और चार चचेरे भाई-बहनों के शव मिले।