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स्मित का शौर्य: 17,400 फीट नीचे आकर भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग कैसे? चमत्कार से उड़ान विशेषज्ञ भी हैरान

Fri, 02 Oct 2026 07:10 AM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट हमले के बाद विमान ने कुछ ही सेकंड में हजारों फीट ऊंचाई खो दी। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आपात संकेत देने और कॉकपिट का रास्ता खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों, चालक दल और अतिरिक्त पायलटों ने हमलावर को काबू करने तथा विमान को स्थिर करने में मदद की।
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भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना - फोटो : अमर उजाला प्रिंट-एजेंसी
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विस्तार
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तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में सह पायलट के हमले में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के घायल होने के बाद विमान में नाक की सीध में 17 हजार फीट की तेज गिरावट के बावजूद विमान के फिर से उठने और सुरक्षित लैंड होने को विमानन विशेषज्ञ चमत्कार मान रहे हैं।
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घटना के पहले यह 34,000 फीट की ऊंचाई पर था। फ्लाइटरडार24 के डाटा के अनुसार, विमान महज 29 सेकंड में 14,125 फीट नीचे आ गया था। कुल गिरावट करीब 17,400 फीट थी और जमीन से इसकी ऊंचाई 16,600 फीट ही रह गई थी। इस तेज गिरावट के कारण उसका ज्यादातर रडर (पूंछ का हिस्सा) टूटकर अलग हो गया।

इस दौरान विमान के पायलट ने घायल होने के बावजूद हाईजैक के इमरजेंसी सिग्नल भेजे। इसके करीब एक घंटे बाद यात्रियों की मदद से विमान सुबह 9:45 बजे सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। विमानन विशेषज्ञ इस बात से हैरान हैं कि इतना नीचे गिरने और पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बावजूद यह बोइंग 737 मैक्स सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कैसे कर पाया। विशेषज्ञों ने कहा कि भारतीय पायलट ने स्थिति को बहुत अच्छी तरह से संभाला।
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विमान को संभलने के लिए बची थी ऊंचाई
यूनाइटेड एयरलाइंस के पूर्व पायलट और हवाई सुरक्षा विशेषज्ञ स्टीव अरोयो ने कहा, यह एक गंभीर गिरावट थी और ऐसा होने के लिए रडार पर बहुत ज्यादा एरोडायनामिक दबाव पड़ा होगा। मुझे बस इस बात की हैरानी है कि विमान के टुकड़े-टुकड़े कैसे नहीं हुए। विमानन विशेषज्ञ सनत कौल ने कहा कि फ्लाईदुबई में यह हमला किसी मानसिक रूप से विक्षिप्त पायलट की आेर से आत्महत्या का संभावित प्रयास प्रतीत होता है। 

अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड व फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के साथ पूर्व क्रैश इन्वेस्टिगेटर रह चुके उड़ान सुरक्षा विशेषज्ञ जेफ गुजेटी ने कहा, अगर विमान जमीन से 10,000 फीट की ऊंचाई पर आ जाता तो शायद संभल नहीं पाता। यह चमत्कार है कि वे (विमान को संभालने वाले यात्री) उस तेज गिरावट के बावजूद विमान को ऊपर उठा पाए। उन्हें जिस चीज ने बचाया, वह यह थी कि संभलने के लिए उनके पास ऊंचाई बची हुई थी।

कॉकपिट में लगी कुल्हाड़ी से किया था हमला
दुनियाभर में हवाईअड्डों की सुरक्षा इतनी कड़ी होती है कि चाकू तो दूर कोई नुकीली चीज तक विमान में नहीं ले जा सकता। फिर सह पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला कैसे किया? जवाब है कि उसने उस नुकीली कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया जो कॉकपिट में मौजूद थी। एविएशन नियमों के तहत कॉकपिट में आपात स्थिति में शीशे तोड़ने के लिए कुल्हाड़ी रखी जाती है। सह पायलट ने शायद इसी का इस्तेमाल किया। 

विमान में इलाज करने वाले डेंटिस्ट ने बयां किया खौफनाक मंजर
फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज करने वाले इस्राइली डेंटिस्ट मुसाएव शोता ने इस्राइली मीडिया को उस भयावह पल को याद करते हुए बताया, स्मित खून से लथपथ थे। बहुत बुरी हालत में थे। सिर और हाथ कटकर लगभग दो टुकड़ों में अलग हो गए थे। खून की कमी से हालत गंभीर थी। मैं खून का बहाव रोकने में कामयाब रहा। हालत खराब होने के बावजूद होश में थे और बातचीत कर रहे थे। उन्होंने हमें बताया कि वह 39 वर्ष के हैं। वे अपने दो बच्चों को याद कर रहे थे। एजेंसी

स्मित खतरे से बाहर सऊदी अरब में सर्जरी के बाद स्मित एयरलिफ्ट कर दुबई लाए गए। वह खतरे से बाहर हैं। उनका परिवार भी पहुंच चुका है। यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने स्मित की पत्नी, भाई और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
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