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शी जिनपिंग को व्हाइट हाउस आने का न्योता: ट्रंप बोले- US-चीन संबंध साझेदारी नहीं, वैश्विक शक्ति संतुलन की रीढ़

Thu, 14 May 2026 04:30 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों को ऐतिहासिक बताया और दोनों देशों के बीच बातचीत को सकारात्मक और उत्पादक करार दिया। उन्होंने आपसी सम्मान और पुरानी सांस्कृतिक कड़ियों का भी उल्लेख किया।
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे के दौरान अमेरिका और चीन के रिश्तों को विश्व इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच सम्मान और सहयोग की भावना अमेरिका की स्थापना के समय से ही मौजूद रही है।

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बीजिंग में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के नागरिकों के बीच शुरू से ही आपसी सम्मान का गहरा संबंध रहा है। उन्होंने अमेरिकी संस्थापक नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि बेंजामिन फ्रैंकलिन ने अपने औपनिवेशिक समाचार पत्र में चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस के विचार प्रकाशित किए थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज भी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की इमारत पर प्राचीन चीनी विद्वानों की मूर्तियां गर्व के साथ स्थापित हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मिला व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग आगामी 24 सितंबर को व्हाइट हाउस का दौरा करेंगे। एक बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि यह एक पारस्परिक आधिकारिक यात्रा होगी। अपने संबोधन में उन्होंने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन को अमेरिका आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि वे इस वर्ष सितंबर में व्हाइट हाउस में उनके स्वागत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच संबंधों को 'गहरे और लंबे समय से चले आ रहे' बताते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बैठक को विशेष और सकारात्मक अनुभव भी बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग की सराहना की।
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शी जिनपिंग-ट्रंप वार्ता में ऊर्जा, व्यापार और नशीली दवाओं पर चर्चा
एक चीनी अधिकारी के मुताबिक दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना जरूरी है। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल के युद्ध की वजह से यह समुद्री रास्ता लंबे समय से बंद है। शी जिनपिंग ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का टैक्स या टोल लगाने का विरोध किया है। अधिकारी के अनुसार, शी जिनपिंग ने अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने की रुचि दिखाई है। चीन चाहता है कि भविष्य में खाड़ी देशों के तेल पर उसकी निर्भरता कम हो जाए। बैठक में नशीली दवाओं (फेंटानिल) को बनाने वाले रसायनों की सप्लाई रोकने पर भी बात हुई। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने अमेरिका से कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने पर भी चर्चा की। यह जानकारी देने वाले अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर ये बातें बताईं।

हालांकि, शी जिनपिंग ने स्पष्ट किया कि चीन इस जलमार्ग के किसी भी प्रकार के सैन्यीकरण या उस पर टोल/शुल्क लगाने के प्रयास का विरोध करता है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि चीन भविष्य में अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका से अधिक तेल खरीदने पर विचार कर सकता है, जिससे खाड़ी देशों पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम किया जा सके।

'दोनों देशों के बीच रिश्ते ऐतिहासिक हैं'
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का चीन के साथ संबंध देश की स्थापना के समय से ही जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि 1784 में अमेरिका के पहले कॉन्सुल सैमुअल शॉ चीन पहुंचे थे, जब पहला अमेरिकी व्यापारिक जहाज यहां आया था। ट्रंप ने कहा कि तब से लेकर आज तक यह संबंध और भी मजबूत हुआ है और यह वैश्विक इतिहास के सबसे प्रभावशाली संबंधों में से एक बन चुका है।

बातचीत को बताया सकारात्मक और उत्पादक
बीजिंग में हुई बैठकों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और चीनी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत बेहद सकारात्मक और उत्पादक रही। उन्होंने कहा "आज हमारी चर्चाएं बहुत ही उपयोगी और अच्छे माहौल में हुईं। यह दोनों देशों के हित में है और भविष्य में भी ऐसे संवाद जारी रहने चाहिए।" ट्रंप ने आगे कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

ताइवान मुद्दे पर शी जिनपिंग की ट्रंप को सख्त चेतावनी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से संभालने से दोनों देशों के बीच गंभीर टकराव और यहां तक कि सैन्य संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, ईरान युद्ध और वैश्विक रणनीतिक संतुलन जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत कर रही हैं।

शी जिनपिंग ने ट्रंप के स्वागत को बताया ऐतिहासिक
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के दौरान आयोजित राजकीय भोज में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करना चीन के लिए सम्मान की बात है। शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में इस दौरे को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब चीन अपने आर्थिक और सामाजिक विकास की 15वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह वर्ष अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है और ऐसे समय में दोनों देशों के लोग अपने-अपने राष्ट्रीय विकास और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों ही महान राष्ट्र हैं और दोनों देशों की प्रगति एक-दूसरे के साथ मिलकर और मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा कि “चीन का पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर से महान बनाने का लक्ष्य” एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। शी जिनपिंग ने यह भी जोर दिया कि दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में सहयोग कर सकते हैं और इससे वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास को भी लाभ मिलेगा।
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