अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन के डेट्रॉयट में यहूदी सिनेगॉग पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और पूरी जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है और उसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई प्रभावी साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और वह जरूरी कदम उठा रही है।
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ट्रंप ने मिशिगन के डेट्रॉयट शहर में एक यहूदी सिनेगॉग पर हुए हमले को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जानकारी उन्हें दी गई है और यह बेहद दुखद घटना है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच करेगा और जल्द ही इसकी सच्चाई सामने लाएगा।
मिशिगन के सिनेगॉग हमले पर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि वह मिशिगन के यहूदी समुदाय और डेट्रॉयट के लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सिनेगॉग पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और इसकी पूरी जांच की जाएगी। ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले की तह तक जाएगा और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
ईरान को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही स्थिति तेजी से बदल रही है। उनके अनुसार अमेरिका की सैन्य कार्रवाई प्रभावी है और ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान आतंक और नफरत को बढ़ावा देने वाला देश है और अमेरिका इस खतरे से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।
सेना और अपनी सरकार को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत रही और उस समय सेना को भी काफी मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज अमेरिका की सैन्य ताकत और क्षमता मजबूत दिखाई दे रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सेना का इतना ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा।
खेलों में लैंगिक नीति पर ट्रंप का क्या बयान?
ट्रंप ने खेलों में लैंगिक पहचान को लेकर अपनी सरकार की नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें साफ किया गया है कि केवल दो ही लिंग हैं, पुरुष और महिला। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खेलों में पुरुषों को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और 2028 ओलंपिक में भी इस नीति का पालन कराया जाएगा।