फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्रवाई: 'दुनिया को हिटलर की जरूरत' ट्वीट पर सीएनएन खफा, पाकिस्तानी फ्रीलांसर को निकाला

Mon, 17 May 2021 09:37 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

सीएनएन के साथ फ्रीलांसर के तौर पर काम कर रहे एक व्यक्ति को काम से निकाल दिया गया है। सीएनएन ने यह कार्रवाई फ्रीलांसर के एक विवादित ट्वीट को लेकर की, जिसमें उसने लिखा था कि इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ रही हिंसा के जवाब में दुनिया को आज एक हिटलर की जरूरत है।
Register For Event
विज्ञापन
सीएनएन - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीएनएन के अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि अदील रजा की रिपोर्टिंग के जरिए इस्लामाबाद से समाचार जुटाने में कुछ मदद मिली थी। हालांकि, इन घिनौने बयानों को देखते हुए फैसला किया गया है कि अब वह सीएनएन के साथ किसी भी रूप में आगे काम नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार राजा ने यह ट्वीट रविवार को दोपहर 12.45 बजे के आसपास किया था और दोपहर 3.15 बजे के करीब डिलीट कर दिया था। 

विज्ञापन


बता दें कि अदील रजा के ऐसे विवादित ट्वीट नई बात नहीं हैं। इससे पहले साल 2014 में रजा ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि मैं फाइनल (फीफा विश्वकप) में जर्मनी का समर्थन केवल इसलिए कर रहा हूं क्योंकि हिटलर एक जर्मन व्यक्ति था और उसने यहूदियों के साथ ठीक किया था। इसके अगले ही दिन एक अन्य ट्वीट में अदील रजा ने 'हेल हिटलर' लिखा था, जिसका मतलब है कि हिटलर की जय हो। 

रजा की लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वह सीएनएन के साथ इस्लामाबाद में अगस्त 2013 से काम कर रहा था। इसके अलावा वह पाकिस्तान के एआरवाई न्यूज का एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर भी है। साल 2016 में उसे इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ऑफ दि इयर के लिए आगही अवार्ड से सम्मानित किया गया था। रजा के ट्वीट के बाद कई यूजर्स ने सीएनएन से उसे निकालने की और ट्विटर से उअकाउंट बैन करने की मांग की थी।
विज्ञापन


कश्मीर की तुलना फिलस्तीन से
बता दें कि अदील रजा के विवादित ट्वीट केवल इस्राइल और फिलिस्तीन तक ही सीमित नहीं रहे हैं, भारत के बारे में भी वह ऐसी विवादित टिप्पणियां करता रहा है। भारत में कश्मीर की स्थिति की तुलना भी वह फिलिस्तीन के साथ कर चुका है। इसी साल 15 मई को किए गए एक ट्वीट में रजा ने लिखा था कि जो काम यहूदी फिलिस्तीन में कर रहे हैं वही काम भारतीय हिंदू कश्मीर में कर रहे हैं। दोनों का तरीका एक ही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें