अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई दक्षिण कोरिया में बैठक को 'G-2' कहे जाने पर चीन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। चीन ने कहा है कि दोनों देश मिलकर ना केवल अपने हित में बल्कि पूरी दुनिया की भलाई के लिए भी काम कर सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (30 अक्तूबर) को दक्षिण कोरिया में शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद इस बैठक को “G-2” करार दिया था। वहीं शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका बड़ी शक्तियों के रूप में अपनी जिम्मेदारी साझा कर सकते हैं और अपने देशों तथा पूरी दुनिया के हित में ठोस कदम उठा सकते हैं।
जब बीजिंग में पत्रकारों ने पूछा कि क्या इसका मतलब है कि चीन और अमेरिका अब “G-2” के रूप में उभर रहे हैं, तो चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि जैसा राष्ट्रपति शी ने कहा है, चीन और अमेरिका को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सकारात्मक संवाद बनाए रखना चाहिए, खासकर तब जब दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।
हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि चीन एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करेगा और बहुपक्षवाद को बनाए रखने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। शी के साथ अपनी बातचीत के बाद ट्रंप ने मीडिया को बताया कि वह "फेंटेनल टैरिफ" को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर देंगे, जिससे चीन पर कुल टैरिफ 57 प्रतिशत से घटकर 47 प्रतिशत हो जाएगा, जो भारत और ब्राजील के खिलाफ उनके द्वारा घोषित टैरिफ से कम होगा।
नया समझौते के तहत चीन ने अमेरिका से सोयाबीन आयात और दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाने पर सहमति जताई है। बदले में, अमेरिका ने सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्यात पर लगी रोक हटाने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि चीन के साथ अगले सप्ताह की शुरुआत में एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं, उस पर प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन इस दिशा में अमेरिका के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
इस बीच गुरुवार को ट्रंप एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग यानी एपेक (APEC) बैठक से चले गए, जबकि शुक्रवार को शी का दिन व्यस्त रहा, उन्होंने APEC शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने शुक्रवार को 32वें एपेक आर्थिक नेताओं की बैठक के दौरान जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल से मुलाकात की।
ताकाइची और शी की यह पहली मुलाकात थी। ताकाइची को जापान में कड़ा रुख अपनाने वाली और प्रो ताइवान नेता माना जाता है। शी ने कहा कि दोनों देश “सही दिशा में रिश्तों को आगे बढ़ाने” के लिए संवाद बनाए रखें।