चीनी सेना के शीर्ष जनरल झांग योउश्या को अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप में जांच के दायरे में रखा गया है। झांग राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे करीबी सैन्य सहयोगी माने जाते हैं और केंद्रीय सैन्य आयोग के संयुक्त उपाध्यक्ष हैं और सैन्य कमान में दूसरे सबसे ताकतवर अधिकारी माने जाते हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
चीनी सेना (पीएलए) के शीर्ष नेतृत्व में उथल-पुथल मच गई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले देश के सबसे वरिष्ठ जनरल को 'अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन' के आरोप में जांच के दायरे में रखा गया है।
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झांग योउश्या कौन हैं?
झांग योउश्या चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के संयुक्त उपाध्यक्ष हैं।
केंद्रीय सैन्य आयोग चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की सर्वोच्च संस्था है।
सैन्य कमान में झांग योउश्या को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद दूसरा सबसे ताकतवर अधिकारी माना जाता है।
वह लंबे समय से शी जिनपिंग के सबसे करीबी और भरोसेमंद सैन्य सहयोगी रहे हैं।
चीनी रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि झांग योउश्या और सीएमसी के संयुक्त स्टाफ विभाग के प्रमुख लियू झेनली दोनों के खिलाफ जांच चल रही है।
पीएलए के अखबार में क्या कहा गया?
रविवार को सेना के अखबार 'लिबरेशन आर्मी डेली' में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि झांग और लियू ने कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) और सीएमसी के 'भरोसे और उम्मीदों के साथ गंभीर विश्वासघात किया'। संपादकीय में यह भी कहा गया कि दोनों ने राजनीति और भ्रष्टाचार से जुड़ी समस्याओं को बढ़ावा दिया, जिससे सेना पर पार्टी की पूर्ण पकड़ कमजोर हुई और पार्टी की सत्ता की नींव को खतरा पहुंचा।
अधिकारियों पर क्या आरोप लगे हैं?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, झांग पर आरोप है कि उन्होंने चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी अमेरिका को लीक की और सरकारी कामों के बदले रिश्वत ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें एक अधिकारी को रक्षा मंत्री बनाए जाने में मदद करना भी शामिल है। यह जानकारी आरोपों से जुड़े उच्च स्तरीय ब्रीफिंग से परिचित लोगों के हवाले से दी गई है।