फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Virus Detecting Chip : अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बनाई माइक्रोचिप, पहचानेगी शरीर में छिपे कोरोना के लक्षण

Tue, 13 Apr 2021 03:20 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

अमेरिका में वैज्ञानिकों ने एक माइक्रोचिप और तकनीक विकसित की है जो कोरोना वायरस के लक्षण को बहुत आसानी से पहचानेगी और फिल्टर के जरिए खून से बाहर निकाल फेकेगी।
Register For Event
विज्ञापन
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने विकसित की वायरस का पता लगाने वाली चिप (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के एक महामारी विशेषज्ञ ने दावा किया है कि अब कोरोना वायरस अंतिम महामारी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका में वैज्ञानिकों ने एक माइक्रोचिप तैयार की है जो शरीर में कोरोना वायरस के लक्षण को बहुत आसानी से पहचानेगी और बाद में खून से फिल्टर के जरिए निकाल भी देगी। 

विज्ञापन


इसे कोरोना महामारी के बढ़ते कहर के बीच बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। बता दें कि अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन में वैज्ञानिकों ने इस माइक्रोचिप और तकनीक को विकसित किया है। इस नई तकनीक को डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी (डीआरपीए) ने विकसित किया है। 

इस तकनीक को बनाने वाली टीम के मुख्य महामारी विशेषज्ञ रिटायर्ड कर्नल डॉक्टर मैट हैपबर्न ने दावा किया है कि अब कोविड-19 महामारी अंतिम महामारी होगी। अब हम भविष्य में किसी भी तरह के जैविक और रसायनिक हमले से बचाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। 
विज्ञापन


डॉक्टर हैपबर्न ने बताया कि इस माइक्रोचिप को शरीर के किसी भी हिस्से में त्वचा के नीचे लगाया जाएगा और यह चिप शरीर में हर तरह की रसायनिक प्रतिक्रिया को बताएगी। वहीं इन प्रतिक्रियाओं से यह पता चलेगा कि कोई भी व्यक्ति कितनी देर में संक्रमित होने वाला है। 

डॉ. हैपबर्न ने बताया कि इस माइक्रोचिप में एक जेल लगाया हुआ है जो टिश्यू की तरह लगता है। इसे इस तरह बनाया गया है कि यह खून की लगातार जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगा। वहीं इसका रिजल्ट आपको तीन से पांच दिन में मिल जाएगा। डॉक्टर ने कहा कि इस चिप की मदद से जांच और रिजल्ट में ज्यादा समय नहीं लग रहा है, इसलिए वायरस को समय रहते खत्म किया जा सकता है। 

डॉक्टर ने जानकारी दी इसके लिए पेंटागन की एक सहयोगी पैथोलॉजी संस्था के सहयोग से खून की जांच के लिए डायलिसिस की तरह एक मशीन विकसित की गई। डॉ. हैपबर्न ने बताया कि एक सैन्यकर्मी पर इसका प्रयोग किया गया और उसके शरीर से वायरस को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया और अब वो स्वस्थ है। बता दें कि अमेरिकी फूड और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने इस मशीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें