सोलायमानखिल ने भारत और अफगानिस्तान दोनों से रावलपिंडी में जन्मी चरमपंथी विचारधारा के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने अफगान लोगों के लिए भारत के निरंतर समर्थन की तारीफ की और इस बात पर जोर दिया कि हमारी साझा संस्कृति और इतिहास को पाकिस्तान से निर्यातित चरमपंथ को हराना होगा।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष विराम चल रहा है, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने चौंकाते हुए डूरंड रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और अफगानिस्तान में हवाई हमला किया। इस हमले में अफगानिस्तान के तीन क्रिकेटर्स समेत आठ लोगों की मौत हो गई। इसे लेकर अफगानिस्तान समेत पूरी दुनिया में पाकिस्तान की आलोचना हो रही है। अफगानिस्तान की पूर्व सांसद मरियम सोलायमानखिल ने पाकिस्तान के हमले की कड़ी निंदा की और इसे कायरतापूर्ण और बर्बर हमला करार दिया।
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'हिंसा, पाकिस्तानी सेना का तरीका'
सोलायमानखिल फिलहाल अमेरिका में रह रही हैं और उन्होंने एनडीटीवी के साथ बातचीत में पाकिस्तानी हमले को व्यवस्थागत आतंकवाद बताया और पाकिस्तानी सेना को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पाकिस्तानी हमले को लेकर कहा, 'हमें हैरानी नहीं है। यह हिंसा का वही तरीका है जो आईएसआई और पाकिस्तानी सेना दशकों से भारत और अफगानिस्तान में फैलाती आ रही हैं, लेकिन युवा क्रिकेटरों, बच्चों और महिलाओं को मारे जाते देखना दिल दहला देने वाला है।'
'भारत-अफगानिस्तान की साझेदारी से पाकिस्तान खतरा महसूस करता है'
सोलायमानखिल ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा को लेकर कहा, 'जब भी अफगानिस्तान अपने ऐतिहासिक साझेदार भारत के करीब आता है, तो इससे पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान को खतरा महसूस होता है। उनकी पूरी अर्थव्यवस्था ही युद्ध और विनाश पर टिकी है। वे अफगानों और भारतीयों के बीच शांति बर्दाश्त नहीं कर सकते।' सोलायमानखिल ने भारत और अफगानिस्तान दोनों से रावलपिंडी में जन्मी चरमपंथी विचारधारा के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने अफगान लोगों के लिए भारत के निरंतर समर्थन की तारीफ की और इस बात पर जोर दिया कि हमारी साझा संस्कृति और इतिहास को पाकिस्तान से निर्यातित चरमपंथ को हराना होगा।
निर्वासित सांसद ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को धमकी देते हुए कहा कि, 'आप जो बोते हैं, वही काटते हैं। दशकों से, आपने आतंकवादियों को पाला है और उन्हें हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। जब आपके द्वारा लगाई गई आग आपके ही घर को जला दे, तो हैरान मत होइए।' उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर टीटीपी विरोधी अभियानों की आड़ में आम नागरिकों की हत्याएं करने का आरोप लगाया।