बांग्लादेशी अभियोजकों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और दो वरिष्ठ अधिकारियों पर आधिकारिक तौर पर आरोप लगा दिए हैं। अभियोजकों ने 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान हिंसक कार्रवाई में उनकी कथित भूमिका के लिए मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया है। एक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि शेख हसीना ने राज्य सुरक्षा बलों, अपने राजनीतिक दल और संबद्ध समूहों को सीधे आदेश दिया कि वे बड़े पैमाने पर हताहतों की संख्या में वृद्धि करने वाले अभियान चलाएं। इस बीच बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को चुनाव आयोग को दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी पार्टी का पंजीकरण बहाल करने का आदेश दिया।