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Sheikh Hasina Bangladesh: शेख हसीना करेंगी घर वापसी, दिया बड़ा राजनीतिक संदेश!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 06 Aug 2026 12:44 AM IST

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने सत्ता से हटाए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि वह हर परिस्थिति में अपने देश बांग्लादेश लौटेंगी। नई दिल्ली में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें अपने देश से दूर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन उनका दिल और उनका संकल्प हमेशा बांग्लादेश की जनता के साथ रहा है। शेख हसीना ने कहा कि देश छोड़ने का फैसला उनकी इच्छा नहीं बल्कि परिस्थितियों की मजबूरी थी, फिर भी उन्होंने कभी अपने राजनीतिक दायित्वों और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्हें बांग्लादेश लौटने पर जेल भी जाना पड़े या अपनी जान तक गंवानी पड़े, तब भी वह पीछे नहीं हटेंगी। उनके अनुसार, एक राजनीतिक नेता का सबसे बड़ा कर्तव्य अपने देश और जनता के साथ खड़ा रहना है, और वह इसी सिद्धांत पर आगे बढ़ना चाहती हैं। 

उन्होंने अपने समर्थकों से लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कठिन समय हमेशा स्थायी नहीं होता और लोकतंत्र की ताकत अंततः विजयी होती है। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने उन्हें वर्षों तक समर्थन और विश्वास दिया है, इसलिए वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ सकतीं। उन्होंने दावा किया कि देश की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर वह लगातार चिंतित रहती हैं और दूर रहकर भी बांग्लादेश की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। शेख हसीना ने कहा कि उनका राजनीतिक संघर्ष किसी व्यक्तिगत पद या सत्ता के लिए नहीं बल्कि देश की स्थिरता, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से धैर्य बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखने का आग्रह किया। उनके इस बयान को अवामी लीग के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, क्योंकि सत्ता से हटने के बाद यह पहला अवसर है जब उन्होंने इतने स्पष्ट शब्दों में अपनी वापसी की इच्छा व्यक्त की है। हालांकि, उनकी संभावित वापसी कब और किन परिस्थितियों में होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस बयान से बांग्लादेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो सकती हैं और आने वाले समय में राजनीतिक घटनाक्रम पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, उनके संदेश ने समर्थकों के बीच नई उम्मीद जगाई है, जबकि विरोधी दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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