डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए एक 20-सूत्रीय शांति योजना पेश की है। उन्होंने व्हाइट हाउस में इज़रायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मुलाकात के बाद इस योजना की घोषणा की, और नेतन्याहू ने इस पर अपनी सहमति जताई है। तत्काल युद्धविराम: यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो शत्रुता तुरंत समाप्त हो जाएगी। इज़रायल द्वारा सार्वजनिक रूप से योजना स्वीकार करने के 72 घंटे के भीतर हमास को सभी शेष बंधकों (जीवित और मृत) को रिहा करना होगा। सभी बंधकों की रिहाई के बाद, इज़रायल आजीवन कारावास की सजा काट रहे 250 फिलिस्तीनी कैदियों और 7 अक्टूबर, 2023 के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 से अधिक गाजावासियों को रिहा करेगा। इज़रायली सेना चरणबद्ध तरीके से गाजा से वापस हटेगी, जो गाजा के विसैन्यीकरण (Demilitarization) से जुड़ी होगी।
हमास को अपने हथियार नष्ट करने होंगे और गाजा के शासन में कोई भूमिका नहीं रखनी होगी। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हमास सदस्यों को माफी दी जा सकती है या उन्हें सुरक्षित मार्ग से बाहर जाने की अनुमति होगी। गाजा पर एक अस्थायी, गैर-राजनीतिक फिलिस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञ समिति का शासन होगा, जिसकी देखरेख "बोर्ड ऑफ पीस" नामक एक नया अंतर्राष्ट्रीय निकाय करेगा। इस बोर्ड की अध्यक्षता स्वयं डोनाल्ड ट्रंप करेंगे और इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधान मंत्री टोनी ब्लेयर जैसे अन्य वैश्विक नेता शामिल हो सकते हैं। गाजा में एक अस्थायी अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force - ISF) तैनात किया जाएगा, जो फिलिस्तीनी पुलिस बलों को प्रशिक्षित करेगा और सुरक्षा में मदद करेगा।
इज़रायल गाजा पर कब्ज़ा या उसका विलय नहीं करेगा। नेतन्याहू ने कहा है कि वह इस योजना का समर्थन करते हैं क्योंकि यह इज़रायल के युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करती है, जिसमें बंधकों की वापसी और हमास की सैन्य क्षमताओं को खत्म करना शामिल है। ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त बयान (प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से) जारी किया, जिसमें उन्होंने इस योजना को "मध्य पूर्व में शाश्वत शांति" लाने का अवसर बताया। उन्होंने हमास को चेतावनी दी है कि यदि वह इस प्रस्ताव को अस्वीकार करता है, तो इज़रायल को हमास के खतरे को "समाप्त करने" के लिए आवश्यक कदम उठाने हेतु अमेरिका का पूरा समर्थन प्राप्त होगा। कई अरब और मुस्लिम देशों (जैसे सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, कतर और मिस्र) के विदेश मंत्रियों ने भी ट्रंप के इस प्रयास का स्वागत करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने भी ट्रंप के प्रयासों का समर्थन किया है। हालांकि, हमास ने अभी तक औपचारिक रूप से अपनी सहमति नहीं दी है।