अमेरिका के सबसे रहस्यमय और खौफ पैदा करने वाले विमानों में शामिल Boeing E-4B Nightwatch, जिसे दुनिया “डूम्सडे प्लेन” के नाम से जानती है, ने शनिवार को एक दुर्लभ सार्वजनिक उड़ान भरकर हलचल मचा दी। यह विमान दशकों बाद पहली बार आम लोगों की नजरों में आया, जब इसे अमेरिका के कई हिस्सों के ऊपर उड़ते हुए देखा गया। इसकी मौजूदगी ने न सिर्फ सैन्य विशेषज्ञों बल्कि आम लोगों के बीच भी चिंता और अटकलों को जन्म दे दिया।
E-4B Nightwatch को अमेरिका में राष्ट्रीय एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर (NAOC) के तौर पर जाना जाता है। यह विमान अब तक अपने 51 साल के ऑपरेशनल इतिहास में बेहद सीमित मौकों पर सार्वजनिक रूप से देखा गया है। इस बार खास बात यह रही कि विमान को नेब्रास्का स्थित अपने स्थायी बेस से मैरीलैंड की ओर उड़ते हुए देखा गया, जो वॉशिंगटन डीसी के बेहद करीब है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की मूवमेंट सामान्य सैन्य अभ्यास का हिस्सा भी हो सकती है, लेकिन मौजूदा वैश्विक तनावों के बीच इसकी टाइमिंग ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
Boeing E-4B Nightwatch एक भारी रूप से संशोधित Boeing 747 है, जिसे शीत युद्ध के दौर में विकसित किया गया था। इसका मकसद सिर्फ एक है—अगर परमाणु युद्ध या राष्ट्रीय तबाही हो जाए, तब भी अमेरिकी सरकार काम करती रहे।
यह विमान अमेरिका के राष्ट्रपति, शीर्ष रक्षा अधिकारियों और सैन्य नेतृत्व को उस स्थिति में सुरक्षित रख सकता है, जब ज़मीन पर मौजूद कमांड सेंटर पूरी तरह तबाह हो जाएं।
‘डूम्सडे प्लेन’ नाम क्यों पड़ा?
इस विमान को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि इसका इस्तेमाल सबसे खराब हालात जैसे परमाणु युद्ध, बड़े पैमाने पर हमले या राष्ट्रीय आपदा के दौरान किया जाना है।
इसकी सबसे खास खूबी है कि यह परमाणु विस्फोट के बाद भी काम कर सकता है। विमान के सिस्टम्स को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) से प्रभावित न हों, जो आम तौर पर परमाणु धमाकों के बाद इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स को पूरी तरह नष्ट कर देता है।
आसमान में उड़ता युद्ध कक्ष
E-4B Nightwatch किसी लग्ज़री या प्रतीकात्मक विमान की तरह नहीं है, जैसा कि Air Force One माना जाता है। यह एक उड़ता हुआ युद्ध कक्ष है।
इसमें 100 से ज्यादा लोग रह सकते हैं, जिनमें सैन्य विश्लेषक, रणनीतिकार, संचार विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। विमान के अंदर कमांड सेंटर, ब्रीफिंग रूम और सुरक्षित कम्युनिकेशन हब मौजूद हैं, जहां से राष्ट्रपति सीधे सैन्य आदेश जारी कर सकते हैं।
हफ्तों तक आसमान में रह सकता है
इस विमान की ऊपरी संरचना पर बना बड़ा सा डोम इसे हवा में ही री-फ्यूलिंग की क्षमता देता है। इसका मतलब है कि यह कई दिनों-हफ्तों तक जमीन पर उतरे बिना उड़ान में रह सकता है।
इसके अलावा, इसमें खास तरह की शील्डिंग और डिफेंस सिस्टम लगे हैं, जो इसे परमाणु प्रभावों से बचाते हैं।
साइबर हमले से भी सुरक्षित
डूम्सडे प्लेन में आज के डिजिटल युग के बावजूद कई एनालॉग फ्लाइट इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। वजह साफ है एनालॉग सिस्टम्स पर साइबर हमलों का असर बेहद कम होता है। यही कारण है कि इसे तकनीकी रूप से भी सबसे सुरक्षित विमानों में गिना जाता है।
क्यों बढ़ी चिंता?
वैश्विक स्तर पर पहले से ही युद्ध, परमाणु धमकियों और भू-राजनीतिक तनावों का माहौल है। ऐसे में डूम्सडे प्लेन की अचानक सार्वजनिक मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है- क्या अमेरिका किसी बड़े खतरे की आशंका में तैयारी कर रहा है? या यह सिर्फ एक नियमित सैन्य अभ्यास है, जिसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है?
फिलहाल अमेरिकी वायुसेना इस पर खुलकर कुछ कहने से बच रही है। लेकिन इतना तय है कि जब भी डूम्सडे प्लेन आसमान में दिखता है, दुनिया की धड़कनें तेज हो जाती हैं।