काशीपुर के बाजपुर रोड के महादेव नहर में सैकड़ों की संख्या में लोग छठ पूजा कर रहे हैं। चार दिवसीय महापर्व का समापन बुधवार की सुबह उगते सूर्य काे अर्घ्य देकर होगा। 36 घंटे तक महिलाएं मनोकामना की पूर्ति के कठोर नियमों के साथ व्रत रखती हैं। छठ पूजा पूर्वांचल कल्याण समिति के डीएन यादव ने बताया कि 22 मार्च से नहाय-खाय से व्रत शुरू हुआ था, जो 25 मार्च को सप्तमी तिथि छठ महापर्व का अंतिम दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व का समापन होता है। चैत्र छठ पूजा में भी छठी मैय्या और सूर्य देव की पूजा का विधान है। छठ व्रत बहुत कठिन माना जाता है क्योंकि इसे कठोर नियमों के अनुसार 36 घंटे तक रखा जाता है। छठी मैया की भक्ति में समर्पण, पवित्रता और अनुशासन का विशेष महत्व है। पूर्वांचल कल्याण समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए घाट पर साफ-सफाई की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा ना हो सके। वहां पर मनोज गिरी, एसके गिरी, आनंद कुमार, दिलीप कुमार, ब्रज किशोर सिंह, सुभाष यादव आदि रहे।