केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर संचालित घोड़े-खच्चरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। वहीं उनपर यात्रा के दौरान क्रूरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय कार्यालय में घोड़ा खच्चर कल्याण के संबंध में बैठक आयोजित हुई, जिसमें जिलाधिकारी ने उनके संरक्षण पर प्राथमिकता देने की बात कही। इस दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पशु चिकित्सक तथा पशु कल्याण से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में पीपुल फॉर एनिमल्स की प्रतिनिधि गौरी मौलेखी ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान पशुओं के पंजीकरण, ट्रैकिंग और स्वास्थ्य निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी घोड़े-खच्चरों को संतुलित आहार और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा उनकी क्षमता से अधिक भार न ढुलवाया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएं, ताकि बीमार या घायल पशुओं का तत्काल उपचार संभव हो सके। इसके साथ ही विश्राम स्थलों पर छाया, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पशुओं के साथ क्रूरता करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी व्यवस्थाएं यात्रा प्रारंभ होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।