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VIDEO: कुटी में हुई कुंभ पूजा, एक हजार से अधिक लोग हुए शामिल

Heera Updated Tue, 01 Sep 2026 12:29 PM IST

चीन सीमा से सटे व्यास घाटी में 12303 फुट की ऊंचाई पर बसे अंतिम गांव कुटी में कुंभ पूजा आयोजित हुई। सात दिवसीय कुंभ पूजा का आयोजन 12 वर्ष में एक बार किया जाता है। पूजा में दारमा, चौंदास, व्यास घाटी के साथ ही मित्र राष्ट्र नेपाल में ब्याही गई 200 से अधिक बेटियां और बहनें पूजा में शामिल होने कुटी पहुंचीं। कुंभ पूजा में गांव के लमाओ (पुजारी) चेत सिंह कुटियाल, हरीश सिंह कुटियाल, गोपाल सिंह कुटियाल, बिरेंद्र सिंह कुटियाल, गोकरन सिंह कुटियाल, धनपाल कुटियाल और सुबम कुटियाल ने हया गुलच, हया मापंग और हया नमच्यल सहित अन्य देवी देवताओं की रं रीती रिवाज़ से पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की। कुंभ पूजा से लौटे ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि 15 से 21 अगस्त तक सात दिवसीय कुंभ पूजा में गांव की महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रो के साथ पंचायत घर से पारंपरिक नृत्य कर देव प्रांगण पहुंचे। यहां देव की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान गांव की महिलाओं ने पुजारियों और मायके आईं बेटियों और बहनों का स्वागत किया। कुंभ पूजा में शामिल होने पहुंची इन बेटियों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया गया। कई सालों बाद ससुराल से मायके पहुंची बेटियां हुईं भावुक विभिन्न घाटियों से कई वर्षों के बाद कुंभ पूजा में शामिल होने ससुराल से मायके पहुंची बेटियां परिजनों से मिलकर भावुक हो गईं। मित्र राष्ट्र नेपाल के ग्राम तिंकर से दशरथी कुटियाल तिंकरी, तारा कुटियाल तिंकरी, चौदास घाटी से कल्पना कुटियाल यरसो, दारमा घाटी से सुमन कुटियाल दताल (माउंट एबरेस्ट विजेता ), देहरादून से सीमा कुटियाल दत्ता, हल्द्वानी से भवानी कुटियाल बृजवाल, किशोरी कुटियाल गर्ब्याल, एकता कुटियाल पतियाल और लखनऊ से रूपा कुटियाल गुंज्याल सहित कई बेटियां कुंभ पूजा में शामिल हुईं और पूजा-अर्चना की। उन्होंने भावुक होते हुए बताया की कई वर्षों बाद अपनी जन्मभूमि पहुंचकर और अपने मित्रों और रिश्तेदारों से मिलने का मौका मिला है। पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश माउंट एबरेस्ट विजेता सुमन कुटियाल दताल ने अपने परिजनों के साथ वृक्षारोपण कर ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वह देहरादून से अपनी 93 वर्षीय माता खिमे देवी और मौसी चंद्र प्रभा ऐतवाल के साथ कुंभ पूजा में शामिल होने पहुंची। उन्होंने बताया कि वन विभाग से प्राप्त 1000 देवदार, बांस और बांज के पौधे गांव के विभिन्न स्थानों पर रोपे गए। पद्मश्री, अर्जुन अवार्डी प्रसिद्ध पर्वतारोही चंद प्रभा ऐतवाल (85 वर्ष) ने आदि कैलाश और कुटी तक सड़क सुविधा पहुंचाने पर केंद्र सरकार और बीआरओ का आभार जताया।

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