हरिद्वार में स्वयं सेवी संस्थाएं गंगा से कचरा निकाल रही हैं, लेकिन नगर निगम निस्तारण के लिए उठाने का प्रयास नहीं कर रहा। हालत यह है कि गंगा के घाट आदि भी सुदृढ़ किए जाने थे, लेकिन वार्षिक बंदी में केवल खाना पूर्ति कर दी गई। न सौंदर्यीकरण के कार्य हुए और न विकास कार्य।