चंपावत। पहाड़ की लोक आस्था से जुड़ा सातूं-आठूं 19 अगस्त से शुरू होगा, इसके शुरुआत सोमवार को बिरुड़ पंचमी से शुरू हो गई है। नगर के ज्ञालीसेरान और मल्ली मादली में महिलाओं ने बिरुड़ भिगाए। पारंपरिक तरीके पूजा अर्चना कर महिलाओं ने सातूं-आठूं पर्व के लिए सप्त अनाज भिगोया।धार्मिक अनुष्ठान के तहत चना, गेहूं, मटर, राजमा समेत सात अनाजों को भिगो कर मंदिर में रखे गया। स्थानीय जानकार उमा पांडेय ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान के बीच चना, गेहूं, गुरूस, मटर, कलों, राजमा और सोटी आदि सात प्रकार के अनाज को बर्तन में भिगोया गया। सप्त अनाज के साथ पोटली में गेहूं, सरसों, हल्दी, दुर्वाघास और हरा फल रखा गया। बिरुड़ पंचमी को महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि, पति की दीर्घायु और संतान के मंगल के लिए व्रत रखती हैं।