बागेश्वर में चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नववर्ष का शुभारंभ हो गया है। नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं ने बाबा बागनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। बृहस्पतिवार को सुबह से ही नगर के बागनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर बाद तक लोगों ने मंदिर में आकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में बने भैरव नाथ, मां काली, हनुमान आदि मंदिरों में भी शीश नवाया। नगरदेवी के नाम से पहचाने जाने वाली चंडिका देवी मंदिर में भी पूरे दिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते रहे। नगर स्थित उल्का मंदिर, जजी स्थित कालिका मंदिर में भी भक्तोंने पूजा कर सुख और सौभाग्य का आशीर्वाद लिया। पंडित कैलाश उपाध्याय ने बताया कि चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा के दिन नवसंवत्सर होता है। इसी दिन से सनातन धर्म का नववर्ष भी शुरू होता है। नए साल के पहले दिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर लोग पूरे साल सुखमय जीवन रहने की कामना करते हैं। मां दुर्गा को समर्पित नवरात्र पर अधिकांश श्रद्धालु मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए उपवास रखते हैं। इन नौ दिनों तक देवी की उपासना से मन इच्छित फल मिलता है।