ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से लेकर 84 घाटों तक मां गंगा के पूजन-अर्चन, आरती और स्नान-दान का क्रम दिनभर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के अवतरण दिवस पर स्नान कर सुख-समृद्धि और पापों के नाश की कामना की।