साइबर अपराधियों को जेल से बाहर निकालने के लिए चल रहे फर्जी जमानत के संगठित खेल का पुलिस ने पर्दाफाश किया। साइबर थाना पुलिस ने ऐसे गिरोह के सरगना समेत दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी पहचान, कूटरचित दस्तावेज और नकली सत्यापन रिपोर्ट के सहारे साइबर ठगों को अदालत से जमानत दिलाते थे। आरोपी जमानत कराने के एवज में पहले 15 से 20 हजार रुपये एडवांस लेते थे और जमानत होने के बाद भी मोटी रकम वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलराम दास निवासी चमांव शिवपुर और जनार्दन सिंह निवासी चमांव अहिरान शिवपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों फर्जी नाम राजकुमार और रिंकू का इस्तेमाल करते थे। जांच में सामने आया कि दोनों पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय थे और पूर्व में साइबर ठगी के दो मामलों में भी जमानतदार बन चुके हैं।