वाराणसी के आईएमएस बीएचयू में छह दिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन हुआ। वार्षिकोत्सव के आखिरी दिन पद्म भूषण लोक गायिका तीजन बाई ने अपनी प्रस्तुति दी। तीजन बाई पंडवानी लोक कला की गायिका हैं। पंडवानी छत्तीसगढ़ की लोक कला है जिसमें पांडवों के शौर्य की गाथाएं सुनाई जाती हैं। आमतौर पर पंडवानी गायिकी पुरुष करते हैं पर तीजन बाई पहली महिला लोक कलाकार हैं जिन्होंने पंडवानी गायिकी को अलग पहचान दी। वहीं दूसरी ओर आईएमएस बीएचयू के वार्षिकोत्सव में उत्कृष्ट योगदान करने वाले शिक्षकों और छात्रों को कुलपति ने सम्मानित भी किया।