रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने बृहस्पतिवार को सदन में पंचायत चुनाव में आदिवासी वर्ग को आबादी के आधार पर आरक्षण देने की आवाज उठाई। उन्होंने वर्ष 2020 के चुनाव के दौरान आरक्षण में मनमानी का आरोप लगाते हुए इसमें सुधार की मांग की। शीतकालीन सत्र में लोक महत्व के मुद्दों पर चर्चा के दौरान सपा सांसद ने यूपी के आदिवासी बहुल जिले में आदिवासियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि लोकसभा क्षेत्र रॉबर्ट्सगंज एससी-एसटी बहुल है। यहां यूपी की सबसे ज्यादा आदिवासी आबादी रहती है। फिर भी उन्हें लोक प्रतिनिधित्व का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा। जिले में करीब 22 प्रतिशत आदिवासी आबादी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख के पदों पर आबादी के अनुसार आदिवासी वर्ग को आरक्षण दिया जाना चाहिए। वर्ष 2020 के चुनाव में इसका पालन नहीं हुआ। अलबत्ता जो क्षेत्र आदिवासी बहुल नहीं है, वहां की सीटें इस वर्ग के लिए आरक्षित की गई। इस मनमानी से वंचित वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव में इन कमियों को दूर किया जाना चाहिए। सांसद छोटेलाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग का वोट तो लेते हैं, लेकिन उनका हक नहीं देते। उन्होंने सदन में मांग किया कि इस बार पंचायत चुनाव में आबादी के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।