सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी का निर्माण बड़ी आबादी के लिए परेशानी का सबब बनने जा रहा है। स्टेट हाईवे पर महत्वपूर्ण रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने से पहले जिम्मेदारों ने न इसके असर को समझा और न ही किसी वैकल्पिक मार्ग की तलाश की। अब निर्माण से ठीक पहले बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किए जाने से लोगों का गुस्सा फूट रहा है। दो दिनों से मौके पर लगातार विरोध के बाद शुक्रवार को जनसुनवाई में भी डीएम के सामने इस मुद्दे को लेकर कई शिकायतकर्ता पहुंचे। डीएम के गंभीरता दिखाते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। एसडीएम-सीओ और रेलवे के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों के साथ मिलकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया। इस दौरान क्राॅसिंग के बगल में पैदल व बाइक सवारों के आने-जाने के लिए अस्थाई रास्ता बनाने पर सहमति बनी। इससे आमजन को आरओबी निर्माण के दौरान आवागमन में दिक्कत नहीं होगी। कलवारी-खलियारी मार्ग पर स्थित रॉबर्ट्सगंज नगर के रेलवे क्रॉसिंग पर हर रोज लगने वाले जाम से निजात के लिए लंबे समय से आरओबी की मांग उठती रही है। काफी जद्दोजहद के बाद इसे मंजूरी तो मिल गई, लेकिन निर्माण पूरा होने तक क्रॉसिंग बंद रहने से पड़ने वाले असर का ध्यान रखे बिना रेलवे आनन-फानन काम शुरू कराने में जुट गया। दो दिन पहले जब बैरिकेडिंग करते हुए रास्ता बंद किया जाने लगा तब लोगों ने वैकल्पिक मार्ग के बारे में पूछताछ शुरू की। कोई तैयारी न होने से जिम्मेदार निरुत्तर थे। उन्हें 10-12 किमी दूर घूमकर आने-जाने की दलील दी जाती। इस पर भड़के लोग दो दिन से लगातार विरोध कर रहे हैं। वह मौके पर ही पैदल व बाइक आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग देने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से हर रोज बिहार बॉर्डर तक के सैकड़ों गांव के लोगों का आना-जाना होता है। लंबा घूमना हुआ तो उनकी परेशानी बढ़ेगी, साथ ही व्यापार भी प्रभावित होगा। जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर कोई सक्रियता नहीं दिखाई।