म्योरपुर वन क्षेत्र के कटौंधी गांव के जंगल में रेलवे ट्रैक से कुछ ही दूरी पर कास्त की करीब पांच बीघे के भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई हो रही है। इसमें सागौन, खैर, सिद्धा जैसे इमारती पेड़ भी शामिल हैं। वन विभाग इससे बेखबर है। विभाग के अफसरों का दावा है कि नियमों के तहत सिर्फ 17 पेड़ काटने की अनुमति दी गई है। इससे ज्यादा पेड़ कटे होंगे तो कार्रवाई होगी। बताया गया कि यह भूमि पड़ोसी राज्य झारखंड के पलामू निवासी किसी व्यक्ति ने ली है। उसके या उसके किसी करीबी के नाम से पांच बीघे की भूमि खरीदी गई है। इसमें दर्जनों किस्म के हरे पेड़ मौजूद हैं। मोटर व इलेक्ट्रॉनिक मशीन से हरे पेड़ बेखौफ काट दिए गए। सभी पेड़ों की कटान के साथ लकड़ियों को सिल्ली बनाकर रखा जा रहा है। मौके पर काटे गए लकड़ियों पर किसी भी तरह का कोई भी छपान अंकित नहीं हुई है। जंगल के बीच खुलेआम हरे पेड़ों की कटान के बाद वन विभाग कुछ नहीं कर रहा है, जबकि इन दोनों जंगलों के किनारे सुरक्षा खाई वन विभाग ने खोदवाई है। इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी वन प्रभाग रेणुकूट कमल कुमार ने बताया कि 17 पेड़ों से ज्यादा की अनुमति कहीं भी नहीं दी गई है। इससे ज्यादा पेड़ों की कटाई हुई होगी तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। पेड़ों की कटान की जांच कराई जा रही है। काटे गए पेड़ों को जब्त किया जाएगा।