मुरादाबाद जिले में पिछले चार से पांच दिनों से चल रही स्टांप पेपर की समस्या ने अब आयात कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिवक्ताओं की हड़ताल और स्टांप वेंडरों के कामकाज प्रभावित होने के कारण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्टांप उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर इंपोर्ट कारोबार पर पड़ने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि स्टांप पेपर नहीं मिलने की वजह से कस्टम बॉन्ड, बैंक एग्रीमेंट और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे कच्चे माल का आयात प्रभावित हो रहा है। पीतल और एल्युमिनियम के कारोबार से जुड़े कई इंपोर्टर बताते हैं कि विदेशों से आने वाले कच्चे माल के लिए कस्टम विभाग में बॉन्ड जमा करना पड़ता है। इसके अलावा शिपिंग लाइन से कंटेनर लेने व माल खाली होने के बाद कंटेनर वापस करने की प्रक्रिया में भी स्टांप पेपर की जरूरत होती है। लेकिन कई दिनों से स्टांप उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरी आयात प्रक्रिया बाधित है। कारोबारियों का कहना है कि हमारी मांग है कि प्रशासन इसका जल्द समाधान कराए और आयात प्रक्रिया चालू हो सके।