मथुरा के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ई-रिक्शा चालक ने चिकित्सक की टेबल पर जिंदा सांप को रख दिया। चिकित्सकों ने उसे इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया। हालांकि बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सकों ने ई-रिक्शा चालक को इंजेक्शन लगाने के साथ उसका उपचार किया। लक्ष्मी नगर निवासी दीपक राजपूत ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। सोमवार की शाम को वह ई-रिक्शा से वृंदावन जा रहे थे। रास्ते में ई- रिक्शा में छिपकर बैठा सांप निकाला और चालक के हाथ में डस लिया। चालक ने तुरंत सांप को पकड़ा और अपनी जैकेट की जेब में रखकर जिला अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल की इमरजेंसी में उसने चिकित्सक की टेबल पर सांप को रख दिया। सांप को देख चिकित्सकों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में ई-रिक्शा चालक को इमरजेंसी से बाहर निकाला गया। ई-रिक्शा चालक ने इलाज के लिए हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा होने पर जिला अस्पताल चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पहले सांप को छुड़वाया। इसके बाद ही ई-रिक्शा चालक का चिकित्सक ने उपचार किया। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि चालक जिंदा सांप को लेकर इमरजेंसी में पहुंच गया था। इसके कारण मरीजों को परेशानी हुई। चालक से सांप छोड़ने को कहा था इसी को लेकर उसने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस हस्तक्षेप के बाद उसको इंजेक्शन लगाने के साथ मरहम पट्टी भी कर दी गई।