वृंदावन में पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि सरकार जनहित के कार्यों को करने में विफल साबित हुई है। जन प्रतिनिधियों ने मनमानी की है। नगर विकास के नाम पर हज़ारों करोड़ रुपये आए लेकिन धरातल पर विकास शून्य है। अव्यवस्थाओं के कारण नगरवासी परेशान हैं। जाम की समस्या से निजात दिलाने में भी सरकार नाकाम रही है। यह बात उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा बुधवार को चुंगी चौराहा पर आयोजित जन संवाद आक्रोश कार्यक्रम के तहत धरना प्रदर्शन के दौरान कही। कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर, यमुना प्रदूषण, बंदर सफारी, नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार, श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर और अधिग्रहण के मुद्दे उठाए। महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम ने महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली के कारण कांग्रेस को धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यातायात अव्यवस्था, बंदरों का उत्पात और प्रदूषित यमुना की समस्याओं के लिए नगर निगम जिम्मेदार है। महिला प्रकोष्ठ की महानगर अध्यक्ष श्वेता गोस्वामी ने कहा कि स्मार्ट मीटर के बढ़ते बिल और गैस सिलिंडर की कीमतों में वृद्धि से गरीब जनता परेशान है। संचालन रचनात्मक कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने किया। धरने में सोहन सिंह सिसोदिया, चंद्रमोहन जायसवाल, नारायण बौहरे, मुनमुन, वीरेंद्र सिंह, दीपेंद्र, दामोदर स्वामी, कमलेश भारद्वाज, रामबाबू शर्मा, राकेश चौधरी, राहुल शुक्ला आदि मौजूद रहे। कांग्रेस द्वारा बिना अनुमति के चुंगी चौराहा पर धरना प्रदर्शन करने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हो गई। पुलिस को कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेसियों ने दलील दी है कि जब सत्ता पक्ष के भाजपाई कोई विरोध का कार्यक्रम करते हैं और नेता प्रतिपक्ष का पुतला जलाते हैं तो पुलिस उनका साथ देती है। जब विपक्ष कोई कार्यक्रम करता है तो उसकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, यह लोकतंत्र की हत्या है।