साढ़-भीतरगांव मार्ग पर स्थित बिरसिंहपुर गांव के पास उस वक्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब कुछ लोग सरकारी हाइड्रा और इलेक्ट्रॉनिक कटर लेकर सड़क किनारे लगे छायादार और प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों को काटकर गिराने लगे। मठेश्वर मंदिर के पास पेड़ों की कटाई शुरू हुई तो ग्रामीण एकजुट हो गए और इसका विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के इस कड़े रुख और भारी विरोध को देखते हुए पेड़ काटने आए लोग मशीनें लेकर वापस लौटने पर मजबूर हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर इन धरोहर रूपी वृक्षों को कटने नहीं देंगे।