हैलट में कार्बाइड पटाखों से जलने वाले 15 और रोगी इलाज के लिए आए। यह रोगी कई जगहों पर इलाज कराने के बाद नेत्र रोग विभाग पहुंचे। तीन रोगियों को भर्ती किया गया है। इसके साथ ही डाॅक्टरों ने कार्बाइड पटाखों से खराब आंखों में स्टेम सेल थैरेपी देने का फैसला किया है। हैलट में अब तक कार्बाइड पटाखों से जलने वाले 90 नेत्र रोगी आ चुके हैं। इनमें 10 रोगियों की एक आंख की रोशनी चली गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि सोमवार की ओपीडी में 15 रोगी आए हैं। ये सभी गंभीर हैं। इनमें तीन रोगियों को भर्ती किया गया है।