धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बिठूर श्मशान घाट पर मूलभूत सुविधाओं की बदहाली लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां रोजाना अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए करीब 2 से 3 हजार लोग पहुंचते हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। श्मशान घाट पर कहने को दो हैंडपंप लगे हैं, लेकिन इनमें से एक खराब स्थिति में है और पानी छोड़ देता है। ऐसे में केवल एक हैंडपंप ही हजारों लोगों की प्यास बुझाने का सहारा बना हुआ है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को लंबी कतारों में लगकर पानी लेना पड़ रहा है, जिससे भारी असुविधा हो रही है। इतना ही नहीं, अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को धूप और बारिश से बचाने के लिए वर्षों पहले विधायक निधि से लगाए गए टीन शेड भी अब जर्जर हो चुके हैं। कई स्थानों पर टीन शेड टूट चुके हैं, जिससे लोगों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह पर पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए। वर्तमान स्थिति में गर्मी के मौसम में लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।