महाराजपुर क्षेत्र में करीब 31 दिनों से पड़ा क्रोमियम कचरा बुधवार को भी कछुए की चाल से ही उठाया गया। जेसीबी सुबह करीब दस बजे मौके पर पहुंची, लेकिन शाम पांच बजे तक सिर्फ दो डंपर ही लोड हो सके। इसके बाद मशीन वहीं खड़ी रही और न कोई कर्मचारी दिखा न अधिकारी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा उठाने की प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। एक दिन में चार से पांच डंफर ही ले जाए जा रहे हैं और वह भी जमीन की सतह तक ही सफाई हो रही है। जेसीबी चालक शिवपूजन ने बताया कि सुबह दस बजे मशीन आई थी और दिनभर में केवल दो डंपर भरे गए। अधिकारी भी करीब आधे घंटे रुककर चले गए। लंबे समय से पड़े इस जहरीले कचरे से आसपास के लोगों को सांस और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जांचों और दबाव के बाद अब कचरा उठना तो शुरू हुआ है, लेकिन जिस धीमी गति से काम हो रहा है उससे समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग युद्धस्तर पर मशीनें और कर्मचारी लगाकर जल्द से जल्द पूरे कचरे को यहां से हटाए, ताकि लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।