सिविल लाइंस स्थित राजेंद्र स्वरूप सभागार में कथक केंद्र की ओर से आयोजित विरासत कथक नृत्य कार्यक्रम शास्त्रीय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, विशिष्ट अतिथि लेबर कमिश्नर सौम्या पांडे व केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय व प्रो. इंद्र मोहन रोहतगी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। शिव वंदना के बाद बाल कलाकारों की ओर से तीन ताल में कथक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। युवा कलाकारों ने 14 मात्रा की धमार ताल व 13 मात्रा की रास ताल में शास्त्रीय क्रम में तोड़े, टुकड़े, तिहाइयां, परन, आमद और भावाभिनय की प्रस्तुतियां दीं। कथक केंद्र के कलाकारों ने होली पर भी नृत्य प्रस्तुत किया। केंद्र की अनन्या अग्रवाल, खुशी, आस्था पांडे, जान्हवी, यशी, श्रीजा, आरोही आद्या, शनाया, शिवया, चंचल, सिद्धि, वंशिका, वेदांशी निर्वी, अंशिका रूही नीलम, तानयाली, प्रणव, साक्षी, शालिनी अभिज्ञा आदि लगभग 65 कलाकारों ने एक मंच पर कथक के पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। अंत में केंद्र की गुरु प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने ठुमरी पर भाव प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। संगतकर्ता के रूप में गायन में साकेत तिवारी, सितार पर प्रो. रूचिमिता पांडे, वायलिन पर डॉ. देवानंद पाठक और तबले पर डॉ. निशांत कुमार सिंह व मिलिंद कुमार ने योगदान दिया।