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विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई में उठी बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की मांग

दीपक महाजन Updated Tue, 31 Mar 2026 10:46 AM IST

महानगर में प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की पहली बार हुई जनसुनवाई में बुंदेलखंड के लिए बिजली के विशेष पैकेज का मुद्दा छाया रहा। चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े व्यवसायियों के साथ अन्य ने इसकी पुरजोर मांग की। कई उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर की खामियों के बारे बताया। साथ ही बिजली की दरें न बढ़ाने का सुझाव दिया। करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई में कई लोगों ने अपने विचार रखे। विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई 11 बजे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित गांधी सभागार में शुरू हुई। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सचिव सुमित कुमार, टैरिफ डायरेक्टर शरदजीत ढींगरा व सदस्य संजय कुमार सिंह व डीवीवीएनएल के एमडी नीतीश कुमार मौजूद रहे। एमडी नितीश कुमार ने क्षेत्र की बिजली सप्लाई, उपभोक्ताओं को दी जा रही सुविधाओं आदि की रिपोर्ट पेश की। इसके बाद उपभोक्ताओं को बुलाकर उनके सुझाव जाने। चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ अन्य कारोबारियों ने बुंदेलखंड में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज देने का सुझाव दिया। चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री व स्टोन क्रशर यूनियन के अध्यक्ष पवन सरावगी ने कहा कि बिजली की दरें न बढ़ाई जाएं। क्रशर संचालक जय किशन पारीछा ने कहा क्रशर को बिजली न मिलने के बाद भी 50 लाख रुपये का बिल आया। वहीं, बरुआसागर के लक्ष्मीकांत पुरोहित ने बताया कि सनोरा में उनका कच्चा घर है। दो साल से बिल आ रहा है लेकिन बिजली नहीं। विनोद सभरवाल ने सुझाव दिया कि पहले सभी जगह स्मार्ट मीटर लग जाए, तब उन्हें प्रीपेड किया जाए। रविंद्र जैन ने भी सुझाव दिए।

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