आगरा में अवर अभियंता मनोज सैनी को जब तक खतरे का आभास हुआ, वह ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों पैर धड़ से अलग होकर कुछ दूर जा गिरे। आंखों के सामने धुंधलका छाने लगा, सांसें उखड़ने लगीं लेकिन मनोज ने हिम्मत नहीं हारी और न ही बेहोश हुए। साथी जेई मुकेश को फोन कर सूचना दी। दौड़ते-भागते पहुंचे अन्य रेल कर्मचारियों ने पुलिस और एंबुलेंस बुलाई।