महाहर धाम शिव मंदिर परिसर शुक्रवार को सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। शिव मंदिर परिसर में संत रविदास मंदिर के बगल में सुंदरीकरण कार्य के तहत चाहरदीवारी निर्माण होने आक्रोशित संत रविदास मंदिर कमेटी व भीम आर्मी, बसपा के लोगो द्वारा परिसर में सुबह 11 बजे से शाम तक विरोध प्रदर्शन किया गया। मालूम हो कि 16 अप्रैल को इस प्रकरण को लेकर रास्ता जाम करने की घटना के बाद से महाहर धाम सहित पूरे क्षेत्र में तनाव देखा गया। इसको देखते हुए 17 अप्रैल की सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल की तैनाती कर दी गई। दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम रविश गुप्ता व सीओ कासिमाबाद अनुभव राजर्षि ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातों को सुनकर आपसी रजामंदी पर नवनिर्मित चहारदीवारी में से एक फीट उंचाई कम करने के लिए ईंट ढ़हा दी गई।इसके बाद कुछ पल के लिए मामला शांत हुआ। लेकिन, कुछ देर बाद फिर संत रविदास मंदिर से जुड़े लोगों ने पुनः आपत्ति करते हुए पूरी चाहरदीवारी गिरवाने पर अड़ गए और नारेबाजी व प्रदर्शन करने लगे। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन चलता रहा। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए महाहर धाम परिसर में मरदह, बिरनो, जंगीपुर पुलिस एवं डेढ़ सेक्सन पीएससी बल की तैनाती की गई है। इस विवाद के बाद से महाहर धाम परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा करवाया जा रहा सुंदरीकरण कार्य पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। इस मौके पर गोरखनाथ बौद्ध, मनोज गौतम, रणजीत बौद्ध, संतोष गौतम, नरेंद्र राव आदि मौजूद रहे।