राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जनपद के पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों सदर, सैदपुर, जमानिया, मुहम्दाबाद, सेवराई के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मॉकड्रिल किया गया। पोस्ता घाट पर गंगा नदी के किनारे अधिक बारिश व बाढ़ के पानी के दबाव के कारण मकान क्षतिग्रस्त हुआ। क्षतिग्रस्त मकान से 10-15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। जनपद में किसी भी मौत के बाद दाह संस्कार करने के बाद गंगा नदी में स्नान करने की प्रथा है। इसके तहत 1000 से अधिक लोग प्रत्येक दिन पोस्ता घाट पर स्नान करते हैं। स्नान के दौरान लापरवाही के कारण तीन बच्चे क्रमशः एक दूसरे को बचाने में डूबने लगते हैं। रबड़ बोट का प्रयोग करते हुए सभी बच्चों को बचा लिया जाता है। नदी के पानी एवं क्षतिग्रस्त मकान से निकाले गए सभी व्यक्तियों को बाढ़ शरणालय में रखा गया, जहां अनुभवी चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय सुविधा दी गई। राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा कैंप का आयोजन किया गया। लोगों को बाढ़ एवं आपदा के दौरान स्वयं बचने व प्रभावित व्यक्तियों को बचाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इसी क्रम में फुलवारी घाट ग्राम फुलवारी कलां तहसील सैदपुर बाढ़ के पानी कम होने के बाद डायरिया फूड प्वाइजनिंग के प्रकोप से बचाव के लिए अस्पताल को चिन्हित करते हुए पीड़ित का उपचार किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरिन गोली, ओआरएस पैकेट का वितरण, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। गौसपुर के कोयला घाट तहसील मुहम्मदाबाद नाव दुर्घटना से लोगों को बचाकर नदी से बाहर निकाला गया। दो-चार ऐसे व्यक्ति जिनको एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंगा के जलस्तर से कटान प्रभावित क्षेत्रों में अचानक से कटान होने की सूचना प्राप्त हुइ कि गांव में पानी जा रहा है।