एटा। जिले में मक्का की फसल पर जंगली जानवरों के साथ बारिश की भी मार पड़ रही है। खेतों में तैयार हो रही मक्का की फसल को जंगली सुअर, नीलगाय और सियार नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, बुधवार की देर शाम हुई बारिश और तेज हवा के कारण कई खेतों में मक्का के पौधे गिर गए। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ब्लॉक सकीट की ग्राम पंचायत छछैना निवासी किसान नवनीत सिंह ने बताया कि मक्का की फसल इस समय खेतों में तैयार हो रही है। रात के समय जंगली सुअर और नीलगाय झुंड में खेतों में पहुंचकर फसल को रौंदने के साथ ही उसे खा जाते हैं। सियार भी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए किसानों को रात में खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसी ग्राम पंचायत के रहने वाले किसान सिंटू ने बताया कि जंगली जानवरों से पहले ही फसल को बचाना मुश्किल हो रहा था, बुधवार की शाम हुई बारिश ने परेशानी और बढ़ा दी। तेज हवा के साथ हुई बारिश से मक्का के पौधे खेतों में गिर गए हैं। गिरी हुई फसल में दाना प्रभावित होने की आशंका है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो किसानों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि मक्का की फसल तैयार करने में लागत और मेहनत दोनों अधिक लगती है। जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है। किसानों ने जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ ही बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।