टांडाकला क्षेत्र में लगातार चौथे दिन भी घने बादल छाए रहे और सूर्य की किरणें जमीन तक नहीं पहुंच पाईं। इसके साथ ही हल्की पछुआ हवा का प्रवाह जारी रहा, जिसने ठंड और गलन को और भी बढ़ा दिया है। मौसम के इस मिजाज ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की फसलों के लिए भी चिंता खड़ी कर दी है।