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आवारा पशुओं से गेहूं, सरसों की फसलों को भारी क्षति; VIDEO

अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 03 Jan 2026 10:22 PM IST

चहनियां ब्लॉक में आवारा पशुओं से किसान और राहगीर दोनों परेशान हैं। ठंड के मौसम में घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे इन पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ये पशु किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र के चहनिया चौराहा, रमौली, सुरतापुर, मोहरगंज, कैलावर और महुअरिया जैसे गांवों में चार-पांच की संख्या में आवारा पशु घूमते देखे जा सकते हैं। इनके कारण साइकिल, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों के आवागमन में बाधा आती है। कई बार ये पशु स्वयं भी दुर्घटनाओं का शिकार होकर घायल हो जाते हैं और सड़कों पर तड़पते रहते हैं। इन आवारा पशुओं से अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान रात भर ठंड की परवाह किए बिना जागने को मजबूर हैं। ये पशु विशेष रूप से गेहूं और सरसों की फसलों को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो रही है। प्रभुपुर लक्ष्मीकांत कांत त्रिपाठी ने बताया कि उनके घर के सामने मुख्य मार्ग पर कई आवारा जानवर घूमते रहते हैं और रात में उनके पशुओं का चारा भी खा जाते हैं। उन्होंने गौशाला के कर्मचारियों से संपर्क कर इन पशुओं को गौशाला भेजने का आग्रह किया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नारेपर ( जुड़ा हरधन) अतुल कुमार सिंह ने भी अपनी गेहूं और सरसों की फसलों को इन आवारा जानवरों से हो रहे नुकसान की जानकारी दी प्रशासन से इन पशुओं को जल्द से जल्द गौशाला भिजवाने की मांग की है। राहुल मौर्य, मनोज कुशवाहा और सत्यनारायण यादव सहित कई अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार गौशाला आश्रय स्थल पर जाकर इन पशुओं को पकड़ने की गुहार लगाई है, लेकिन वहां के कर्मचारी टालमटोल करते रहे हैं। इन सभी लोगों ने प्रशासन से इन आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर गौशाला में सुरक्षित पहुंचाने की मांग की है। इस सम्बन्ध में पशु चिकित्सा अधिकारी मुदस्सर अली ने बताया कि आवारा और छुट्टे जानवर को पकड़ने का कार्य जारी है जल्द किसानों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी।

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