बदायूं में आशा एवं संगिनी कार्यकर्ताओं की हड़ताल 24वें दिन भी जारी रही। बृहस्पतिवार को कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विनोद कुमार को सौंपा। धरना स्थल पर आयोजित बैठक में नौ जनवरी को बरेली स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर होने वाले प्रदर्शन को प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने कहा कि जब तक सरकार आशा-संगिनी कार्यकर्ताओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से रोज नए-नए कार्यादेश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन 24 दिनों से जारी आशा और संगिनियों की पीड़ा किसी को सुनाई नहीं दे रही है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं और इस कार्य में आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई जा रही है, जबकि विगत वर्षों में इस कार्य के लिए देय 225 करोड़ रुपये के पारिश्रमिक पर सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मौन हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि साप्ताहिक अवकाश के दिन लगने वाले आरोग्य मेलों में काम लेने पर आशा-संगिनियों को क्या भुगतान किया जाता है। जिला सचिव मुनिशा ने कहा कि यदि 9 जनवरी के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की रणनीति में बदलाव कर संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उपाध्यक्ष निर्दोष, सहसचिव मनीषा, कोषाध्यक्ष नीलम सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी आंदोलन को मजबूती देने की अपील की। इस मौके पर दर्शाना, मीना, मुन्नी, किरण, लांगश्री, वेशावती, रूबी, अर्चना आदि मौजूद रही।