बरेली में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार फौजी ने बृहस्पतिवार को कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने छात्रा की आत्महत्या के मामले में थाना बिथरी चैनपुर में दर्ज एफआईआर में हिमांशु पटेल, देवेंद्र पटेल और निर्दोष राठौर को बिना ठोस एवं विश्वसनीय साक्ष्य के नामजद किए जाने का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि घटना के समय देवेंद्र पटेल अपने घर पर मौजूद थे, जबकि निर्दोष राठौर और हिमांशु पटेल पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे। उनका कहना है कि वहां उनकी किसी युवती से मुलाकात नहीं हुई और उन्होंने केवल मौके पर मौजूद एक युवक से सामान्य जानकारी ली थी। पीड़ित ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने न तो किसी युवती का वीडियो बनाया, न उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया और न ही उसकी पहचान सार्वजनिक की। उनका कहना है कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्षदर्शी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल या अन्य तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार फौजी ने कहा कि तीनों लोगों को दुर्भावनावश मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने एसएसपी से निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर जांच कराने की मांग की।